मान लीजिए आप बैंक में लोन लेने जाते हैं और बैंक मैनेजर आपसे कहता है कि अपनी डिग्री लेकर आओ, तब हम आपको लोन देंगे। लेकिन अगर आपने B.Tech या कोई डिग्री की है, तो क्या आपको करोड़ों का लोन मिल जाएगा?
असल सवाल यह है कि हमारी सोसाइटी डिग्री के पीछे इतनी पागल क्यों है? आप अपने घर या आसपास देख लीजिए—लोग सिर्फ डिग्री के पीछे भाग रहे हैं, यह सोचकर कि अगर हमारे पास डिग्री आ जाएगी तो हम लाइफ में सफल हो जाएंगे।
लेकिन हकीकत यह है कि जब आपको पैसों की जरूरत होती है, तब कई बार आपसे कम पढ़े-लिखे लोगों को आपसे ज्यादा लोन मिल जाता है और वे आपसे ज्यादा पैसा भी कमा लेते हैं। ऐसा क्यों होता है?
क्योंकि हमें हमेशा डिग्री की वैल्यू सिखाई जाती है, लेकिन फाइनेंशियल स्टेटमेंट बनाना कभी नहीं सिखाया जाता। स्कूल में पढ़ाने वाला व्यक्ति हमें एंटरप्रेन्योरशिप या फाइनेंस नहीं सिखा सकता, क्योंकि वह खुद उस लेवल पर नहीं होता।
जैसे एक डॉक्टर ऑपरेशन करे तो समझ आता है, लेकिन अगर एक मैकेनिक ऑपरेशन करे तो समझ नहीं आता। उसी तरह मैथ्स पढ़ाना अलग बात है और बिजनेस या फाइनेंस सिखाना अलग।
अब बात आती है कि हमें फाइनेंशियल स्टेटमेंट क्यों नहीं सिखाया जाता? क्योंकि जब तक आपकी फाइनेंशियल स्टेटमेंट मजबूत नहीं होगी, बैंक आपको बड़ा लोन देने के लिए तैयार नहीं होगा।
बड़े-बड़े बिजनेसमैन जैसे रतन टाटा या मुकेश अंबानी भी लोन लेते हैं और उसी लोन से अपने बिजनेस को बढ़ाते हैं।
अब समझते हैं कि लोन किस बेसिस पर मिलता है।
मान लीजिए आपको किसी बिजनेस में 30% का रिटर्न मिल सकता है। अगर आपके पास 1 करोड़ है, तो आपको 30 लाख का प्रॉफिट होगा। लेकिन अगर आपके पास 10 करोड़ है, तो आपको 3 करोड़ का प्रॉफिट होगा।
अगर यह पैसा लोन पर लिया गया है और आपने उस पर ब्याज भी दिया, तब भी आपके पास अच्छा खासा प्रॉफिट बचेगा। इसे ही कहते हैं leverage।
इसलिए जरूरी है कि आप अपना Financial IQ बढ़ाएं।
Financial IQ बढ़ाने के लिए आपको चार चीजें समझनी होंगी
Income (आय)
Expenses (खर्च)
Assets (संपत्ति)
Liabilities (देयताएं)
जब आप income में से expenses घटाते हैं, तो आपको profit मिलता है, जिस पर टैक्स लगता है।
और जब assets में से liabilities घटाते हैं, तो आपकी net worth निकलती है।
Assets वो होते हैं जो आपकी जेब में पैसा डालते हैं।
Liabilities वो होती हैं जो आपकी जेब से पैसा निकालती हैं।
आपको assets बढ़ाने हैं और liabilities कम करनी हैं।
अब बात करते हैं Financial IQ बढ़ाने के तीन सबसे जरूरी तरीकों की:
Budgeting (बजट बनाना)
Plan your finances and invest accordingly to gain maximum returns from your investments. pic.twitter.com/3U1wm8ITrP
— Shriram Insight (@sisbl_in) May 5, 2026
आपको 50-30-20 रूल समझना चाहिए:
50% आपकी जरूरतों (Needs) के लिए
30% आपकी इच्छाओं (Wants) के लिए
20% सेविंग्स के लिए
अगर आप 25,000 रुपये कमाते हैं, तो आपको अपने खर्च इसी हिसाब से प्लान करने चाहिए।
- Investing (निवेश)
सिर्फ पैसे बचाना काफी नहीं है, आपको उन्हें निवेश भी करना होगा।
आप SIP, म्यूचुअल फंड या ETF से शुरुआत कर सकते हैं। - Debt Management (कर्ज प्रबंधन)
कर्ज लेना गलत नहीं है, लेकिन सही जगह पर लेना जरूरी है।
iPhone के लिए लोन लेना गलत हो सकता है
लेकिन बिजनेस या घर के लिए लोन लेना सही हो सकता है
अगर आप सही तरीके से लोन लेते हैं और समय पर चुकाते हैं, तो आपका CIBIL स्कोर अच्छा होता है और भविष्य में आपको आसानी से लोन मिल जाता है।
अब अंत में, बैंक जब आपको लोन देता है, तो वह तीन चीजें देखता है
1.आपकी income का consistency
2.आपके expenses का सही उपयोग
3.आपके assets और liabilities का बैलेंस
अगर आपकी फाइनेंशियल स्टेटमेंट मजबूत है, तो बैंक आप पर भरोसा करेगा, डिग्री पर नहीं।
इसलिए फोकस डिग्री पर नहीं, बल्कि अपनी financial strength पर रखें।
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FAQs (Blog / Video के लिए)
Q1. क्या डिग्री होने से बैंक आसानी से लोन दे देता है?
नहीं, बैंक मुख्य रूप से आपकी income, repayment capacity और financial history देखता है।
Q2. Financial Statement क्या होती है?
यह आपकी income, expenses, assets और liabilities का पूरा रिकॉर्ड होता है, जिससे आपकी financial strength पता चलती है।
Q3. Assets और Liabilities में क्या अंतर है?
Assets वो होते हैं जो income generate करते हैं, जबकि liabilities खर्च बढ़ाती हैं।
Q4. Leverage क्या होता है?
जब आप borrowed money (loan) का इस्तेमाल करके ज्यादा returns generate करते हैं, उसे leverage कहते हैं।
Q5. क्या loan लेना गलत है?
नहीं, अगर सही purpose (जैसे business या asset creation) के लिए लिया जाए तो loan wealth बनाने में मदद कर सकता है।